पिथौरा : यहां पंचायतों में हुई अनियमितता की शिकायत पर कार्यवाही तो दूर जांच देर से होती है। जिन मामलों में जांच हुई भी है तो कार्यवाही सालों से लंबित पड़ी हैं। पिथौरा विकास खंड के ग्राम पंचायत लिलेसर एक बार फिर सुर्खियों में है। इस बार मामला विकास कार्यों हेतु पंचायत को मिली भारीभरकम राशि से किये गए कार्यों की जाँच को लेकर है | मुख्यमंत्री से की गई जाँच की मांग पर, जाँच अधिकारीयों पर जाँच नहीं करने का आरोप हैं | जिसमें जाँच अधिकारीयों पर सवाल खड़े कर दिए हैं |
मिली जानकारी अनुसार पिथौरा विकास खंड के ग्राम पंचायत लिलेसर में वर्ष 2020 -21 से 2024 -25 के इस अवधि में उक्त पंचायत में मनरेगा को छोड़कर अन्य योजनाओं के तहत 68 लाख , 06 हजार, 2 सौ , 06 रूपये , 79 पैसे व्यय किये गए हैं | दैनिक अखबार के एक संपादक ने दिनांक 19/01/2026 को मुख्यमंत्री से उक्त व्यय किये गए राशि की 05 बिन्दुओं में जाँच की मांग की थी | जो 05 बिन्दुओं में जाँच की मांग कि गई है वो विस्तृत जाँच है | लेकिन उक्त मामले में पिथौरा जनपद से नियुक्त जाँच अधिकारी सुभाष प्रधान एवं यशवंत ध्रुव ने दिनांक 07/05/2026 को जाँच हेतु ग्राम पंचायत लिलेसर देर से पहुचें सरपंच सचिव ने खातिरदारी की उन्हें कोल्डड्रिंक पिलाए और पी करके जल्दी निकल लिए और उसके बाद जाँच करने गए ही नहीं | जिसमें जाँच अधिकारीयों पर सवाल खड़े कर दिए हैं |
ग्राम पंचायत लिलेसर में वर्ष 2020 -21 से 2024 -25 तक के इस अवधि में तीन पंचायत सचिव पदस्थ थे जिसमें श्रीमती गीता सामंत राय , राकेश पुरोहित एवं श्रीमती शुशीला पटेल जो कि श्रीमती शुशीला पटेल वर्त्तमान में भी उक्त पंचायत में पदस्थ है | आपको बता दें सचिव श्रीमती शुशीला पटेल पूर्व में पिथौरा विकास खंड के ही ग्राम पंचायत जंघोरा में पदस्थ थी तब उस पर 05 लाख रूपये का गबन के आरोप हैं | जिला सीईओ महासमुंद के द्वारा उक्त गबन राशि को वसूली हेतु प्रकरण दर्ज कराये जाने के लिए जनपद सीईओ पिथौरा को पत्र जारी किया गया है | लेकिन पिथौरा जनपद में मामला आजतक दबा हुआ है |
शिकायतकर्ता ने बताया की इसी तरह ग्राम पंचायत लिलेसर में भी 05 बिन्दुओं में जाँच की मांग के अनुसार समुचित जाँच किये जाने पर बड़े भ्रष्टाचार का खुलासा होने का अंदेशा है | शिकायतकर्ता ने उक्त मामले की जाँच हेतु जिला स्तर से जाँच टीम गठन कर जाँच कराने एवं ग्राम पंचायत लिलेसर में वर्ष 2020 -21 से 2024 -25 के इस अवधि में जो भारी-भरकम राशि खर्च किये गए हैं उक्त राशि का राज्य स्तरीय ऑडिट टीम के द्वारा ऑडिट कराने की तैयारी में है |
